T.D.S AND T.C.S IN GST IN HINDI

By | December 2, 2018

T.D.S AND T.C.S IN GST IN HINDI

जी.एस.टी में टी.डी.एस और टी.सी.एस का प्रावधान –

नमस्कार दोस्तों आज का हमारा यह आर्टिकल जीएसटी में टीसीएस और टीडीएस के ऊपर है दोस्तों आप में से बहुत से लोगों को यह पता होगा  कि  जीएसटी काउंसिल 1 अक्टूबर से ठेकेदारी और कुछ अन्य सेवाओं पर टीडीएस और टीसीएस काटने का नियम लागू कर दिया  है

जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 51 एवं 52 के अंतर्गत माल की आपूर्ति और ठेके पर टीडीएस और टीसीएस की कटौती पंजीकृत व्यापारियों द्वारा  उसके भुगतान पर किए जाने वाले प्रावधान सरकार द्वारा अभी तक लागू एवं प्रभावी नहीं किए गए हैं लेकिन इस नियम को  सरकार  ने  1 अक्टूबर 2018 से लागू  कर दिया है  T.D.S एवं T.C.S की रिटर्न आपको नियम अनुसार जीएसटी पोर्टल पर दाखिल करनी होगी जिस व्यापारी के भुगतान पर टीडीएस जीएसटी के रूप में   अनुमान्य होगा इस हेतु जीएसटी पोर्टल पर जीएसटीआर 2 के टेबल नंबर 9 मैं प्रक्रिया को विस्तृत किया जा रहा है ताकि आपूर्तिकर्ता पंजीकृत व्यापारी को उसका लाभ प्राप्त होना सुनिश्चित हो जाए |

यह नियम सरकार इसलिए लागू कर रही है क्योंकि बहुत से ठेकेदार टैक्स चोरी कर रहे थे जिन पर अब लगाम लगाई जा सकती है आप ठेकेदार एवं माल आपूर्तिकर्ता 1 अक्टूबर के बाद टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे क्योंकि अब से उनका टीडीएस उनकी पेमेंट पर ही कट  जाएगा

T.D.S  की दरे –

जीएसटी में T.D.S का अर्थ Tax Deducted  at source | जीएसटी के अंतर्गत कुछ सेवाओं  पर 2% की दर से T.D.S  कटा जाता है जिसमे एक प्रतिशत सेंट्रल टैक्स और एक प्रतिशत स्टेट सम्मलित है कुल मिलाकर आपको दो प्रतिशत से T.D.S कटा जायेगा | मुख्यता जीएसटी के अंतर्गत  ठेकेदारों का T.D.S कटा जाता है

T.C.S.  की दरे-

जीएसटी में T.C.S. का अर्थ Tax Collected at source | जीएसटी के अंतर्गत कुछ सेवाओं पर 1% की दर से T.C.S. कटा जाता है जिसमे आधा प्रतिशत सेन्ट्रल टैक्स और आधा प्रतिशत स्टेट टैक्स सम्मलित है कुल मिला कर एक  T.C.S. कटा जाता है T.C.S.से मुख्यता ई-कॉमर्स व्यवसाय पर कटा जाता है

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